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मरकज खोलने पर दिल्ली उच्च न्यायालय का बड़ा बयान

कोरोना महामारी के कारण देश के कई क्षेत्रों में भारी बदलाव आया है वही रमजान में दिल्ली मरकज खोलने पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने बड़ा निर्णय दिया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने निजामुद्दीन मरकज में 50 व्यक्तियों को रमजान के माह में 5 बार की नमाज पढ़ने की अनुमति दे दी है। दिल्ली उच्च न्यायालय 16 जुलाई को इस मामले पर अगली सुनवाई करेगा।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने निजामुद्दीन मरकज मामले पर सुनवाई करते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन की नोटिफिकेशन का जिक्र किया। इसमें धार्मिक स्थलों को बंद करने जैसा कोई आदेश नहीं है। अदालत ने कहा है कि निजामुद्दीन मरकज के पहले फ्लोर पर 50 लोग पांच समय की नमाज पढ़ सकते हैं। अदालत ने सुनवाई करते हुए कहा कि जब सभी धार्मिक स्थल खुले हैं, तो इसे भी बंद नहीं रहना चाहिए।

सुनवाई के चलते दिल्ली वक्फ बोर्ड ने बताया था कि मरकज के तीन अन्य फ्लोर पर भी 50-50 व्यक्तियों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी जाए। किन्तु अदालत ने इस गुजारिश को नामंजूर कर दिया। तथा केवल पहले फ्लोर पर 50 लोगों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी। बीते वर्ष मार्च में कोरोना वायरस महामारी के चलते निजामुद्दीन मरकज में धार्मिक सभा आयोजित करने के कारण तबलीगी जमात के इस मरकज की आलोचना हुई थी। मरकज के नेता मौलाना साद कंधावली दिल्ली पुलिस द्वारा कई नोटिस जारी किए जाने बाद भी अभी तक जांच में सम्मिलित नहीं हुए हैं

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