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आज 4500 पेट्रोल पंपों पर ‘नो सेल, नो परचेज’ को लेकर हड़ताल

आज के समय में बिना पेट्रोल और डीजल के लोगों का गुजारा सम्भव नहीं है लेकिन अगर एक दिन भी पेट्रोल पंप बंद हो जाएं तो किसी भी शहर की रफ्तार थम सकती है। जी हाँ, दरअसल ऐसा ही कुछ आज राजस्थान में भी होने वाला है। बता दें कि सामने आई खबर के मुताबिक राज्य के करीब 4500 पेट्रोल पंपों पर ‘नो सेल, नो परचेज’ हड़ताल चल रही है और इसके पीछे का कारण है, राजस्थान में अन्य राज्यों के मुकाबले वैट कम होना। इसी कारण से यहां पेट्रोल और डीजल की खपत कम हो रही है। खबरों के मुताबिक वैट कम करने की मांग को लेकर आज यानी बुधवार सुबह 6 बजे से गुरुवार सुबह 6 बजे तक ये हड़ताल चलेगी और पेट्रोल पंप 24 घंटे तक बंद रहेंगे। आपको बता दें कि इस मामले में राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनीत बगई का कहना है कि, यहां अन्य राज्यों के मुकाबले वैट की मात्रा अधिक है।

4500 पेट्रोल पंप बंद
जैसे सीमावर्ती राज्य मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब और यूपी में पेट्रोल डीजल की कीमत काफी कम है। यही कारण है कि लोग यहां से पेट्रोल और डीजल भरवा लेते हैं। वहीं पड़ोसी राज्यों की तुलना में राजस्थान में ये 5 से 9 रुपये तक महंगा है और बगई ने कहा कि, पड़ोसी राज्य पंजाब, हरियाणा, यूपी, गुजरात और दिल्ली के एक पंप की ब्रिकी हमारे राज्य के 20 पंपों के बराबर हो गई है। रोजाना लाखों लीटर डीजल तस्करी कर हमारे राज्य में लाया जा रहा है। जिसके विरोध में 4500 पेट्रोल पंप बंद रहेंगे। सरकार ने इसपर 4 फीसदी वैट बढ़ा दिया है, जिससे इसकी बिक्री काफी प्रभावित हुई है।

हड़ताल में इन वाहनों को मिलेगी राहत
खबरों के मुताबिक इस हड़ताल के अनुसार आपातकालीन वाहनों जैसे अग्निशमन और एम्बुलेंस को राहत दी जाने की बात कही गई है। मिली खबरों के मुताबिक वैट के बढ़ने से पेट्रोल-पंप मालिकों के साथ-साथ सरकार को भी भारी नुकसान हो रहा है और वैट के भारी अंतर के चलते सरकार को अगस्त में 85 करोड़ रुपये, जबकि सितंबर में 37 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।

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