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अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश मुख्य मंत्री आदित्य नाथ को गलत रिपोर्ट सौप कर जमीन पर किया जबरदस्ती कब्जा ।

अधिकारिओं की तानाशाही से योगी सरकार बदनाम

अधिकारी हैं जो चाहेंगे करेंगे कोई कुछ नहीं कर पा रहा है मामला विधुत उप-केंद्र और पढेरा के किसान
तहसील फरीदपुर के शिवपुरी गाँव के लिए उ0 प्र0 सरकार से पास बिद्धुत उप-केन्द्र मिले तत्यों के आधार पर शिवपुरी गाँव का बिजली उप- केंद्र पढेरा गाँव में शिवपुरी- पढेरा के नाम से लगा दिया गया है | किसानों के विवाद की बजह से उपरोक्त का नाम शिवपुरी-पढेरा कर दिया गया जबकि शिवपुरी से पढेरा लगभग 4 किलोमीटर दूरी पर है | इससे पूर्व मिली जानकारी के मुताबिक शिवपुरी गाँव के लोगों ने बनने नहीं दिया आखिर क्यों किसी को पता नहीं ? पढेरा गाँव के लिए कब सिफ्ट किया गया यह केवल अधिकारी जानते हैं यहाँ पर बहुत बड़े सवाल उस समय रहे जिलाधिकारी पर खड़े करता है जब बिद्धुत उपकेन्द्र में आने जाने का रास्ता ही नहीं था तो राजस्व विभाग ने ग्राम सभा की जमीन बिद्धुत उपकेन्द्र बनाने के लिए कैसे हैण्ड ओवर कर दी ? वहीँ राजस्व विभाग तहसील फरीदपुर और विजली विभाग बरेली पर एक नहीं कई सवाल खड़े करता है यह कि भू स्वामी हरीश चन्द्र सिंह से अपनी जमीन से रास्ता देने और उसके बदले राजस्व विभाग की जमीन में से उतनी ही जमीन देने की आम सहमति हुई थी यह 100 प्रतिशत असत्य है अधिकारिओं ने अपनी मनमानी छिपाने के किए मनगढ़ंत एक कहानी रच डाला क्योंकि भू स्वामी हरीश चन्द्र सिंह दिल्ली में रहते हैं साल में ही एक बार गाँव में आना जाना होता है लोग तो रात में सपना देखते हैं

राजस्व विभाग तहसील फरीदपुर और विजली विभाग बरेली के अधिकारिओं ने दिन में सपना देख डाला और इतने बडे प्रोजेक्ट को अंजाम तक पंहुचा दिया जिस के कारण भूस्वामी स्व कृषण पाल सिंह की ह्रदय घात से मौत तक हो चुकी है वही साथ में अधिकारिओं की मनमानी से दूसरे भूस्वामी हरीश चन्द्र सिंह ने बताया कि उनका दिल्ली से पढेरा गाँव आने- जाने में लाखों की आर्थिक क्षति के साथ – साथ मानसिक पीड़ा से पूरा परिवार क्षत विक्षत है | इतना ही नहीं इन सभी अधिकारिओं ने जिलाधिकारी बरेली और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को भी गलत रिपोर्ट भेजी है उनकी कभी भी किसी अधिकारी या कर्मचारी से इस सम्बन्ध में कोई वार्ता नहीं हुई | यदि वार्ता के कोई सबूत हैं तो पेश करें भू-स्वामी के दुआरा बार-बार मांग करने के बाद भी सम्बंधित अधिकारी अभी तक कोई सबूत पेश नहीं कर पाए हैं | जिसकी बजह से इन अधिकारिओं के झूठ का पर्दाफाश हो चुका है| 31 जनवरी २०२१ से पहले किसान स्व कृषण पाल सिंह उर्फ़ बल्ला का नाम लेते थे अब जब इसी जमीन को लेकर सदमे में स्व कृषण पाल सिंह की मौत हो जाने के बाद अब उनके ना रहने पर इन अधिकारिओं ने सह खातेदार सगे भाई हरीश चन्द्र सिंह का नाम लेना शुरू कर दिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उ0 प्र0 शासन जन सुनवाई पोर्टल पर जबाब के रूप अधिकारिओं दुआरा भेजा है वह पूर्णता मनगढ़ंत है | जबकि सह खाते हरीश चन्द्र सिंह जो दिल्ली में रहते हैं उनसे कभी भी इस प्रकार की कोई बात आज तक नहीं हुई जो यह साबित करता है कि संलिप्त अपनी मनमानी कुंठा से ग्रस्त भ्रष्ट अधिकारिओं ने जिलाधीश बरेली और योगी सरकार को गुमराह कर बहुत ही गलत काम किया है | यहाँ पर केवल अधिकारिओं दुआरा अपने झूठ पर पर्दा डाला जा रहा है | उससे बड़ा झूठ यह है कि भू स्वामी हरीश चन्द्र सिंह को रास्ते के बदले ली जाने वाली जमीन के बदले उतनी जमीन दे दी है | ऐसा किसी रिकार्ड में कायम नहीं है न ही मौके पर मौजूद है जबकि उपरोक्त अधिकारिओं दुआरा किसानों की जमीन का अतिक्रमण कर लिया है इसकी जांच हो जबकि भू स्वामी स्व कृषण पाल सिंह एवं हरीश चंदर सिंह के दुआरा बार बार सबूत मांगे जाने पर आज तक सम्बंधित अधिकारी साक्ष प्रस्तुत नहीं कर पाए हैं | जिस जमीन की बात की जा रही है ऐसा तो आज तक हुआ ही नहीं | ९ फरवरी २०२१ को जब राजस्व विभाग तहसील फरीदपुर और विजली विभाग बरेली जबरन कब्जा कर सड़क डालने के लिए निशान देही कर रहे थे उसका पक्का सबूत आज भी भू स्वामी के पास मौजूद है उसके बाद आज तक किसी अधिकारी व् कर्मचारी से कोई भी मुलाकात भी नहीं हुई है | तो कब और कैसे कितनी , पुरव ,पश्चिम ,उत्तर ,दक्षिण किस दिशा में जमीन दे दी है | जो जमीन के बदले जमीन देने के बात अधिकारी कर रहे हैं यह भी 100 प्रतिशत असत्य है भू स्वामी हरीश चन्द्र सिंह का कहना है कि जब जमीन मिली ही नहीं तो वापस करने का सवाल ही पैदा नहीं होता है | गौर तलब है कि भू स्वामी हरीश चन्द्र से अपनी जमीन से रास्ता देने और बदले में उतनी ही जमीन लेने के सम्बन्ध में कभी कोई बार्ता ही नहीं हुई तो अधिकारी क्यों कह रहे हैं और लिखकर दिया जा रहा है इसका मतलब है अभी भी अधिकारी मिलकर किसानों को पागल बना रहे हैं ऐसा भला कंही होता है कि किसान अपनी जमीन से रास्ता देकर पूरी पैत्रिक जमीन को बर्वाद करने के लिए कहेगा यह बहुत ही सोचनीय बिषय है किसान परेशान हो रहे हैं अधिकारिओं की तानाशाही से योगी सरकार बदनाम हो रही है | सच साबित हो रहा है अधिकारी हैं जो चाहेंगे करेंगे कोई कुछ नहीं कर सकता है |

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